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[Read*] Story of Goddess Durga: जाने क्यों मनाते हैं दुर्गा पूजा

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Story of goddess durga - Here we are going to talk about goddess Maa durga who is the most recognised female goddess in Hinduism. She is worshipped all over India especially in eastern part of India and Bengal. If you talk about story of goddess Durga, it starts with a very interesting story of defeat of my Mahishashur buy Goddess Durga which symbolises triumph of good over evil. Today in this post we will be telling you the story of Goddess Durga which you will definitely like, so stay with us till the end of this post.
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Story of goddess durga

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आपको जरूर पढ़ना चाहिए ( दुर्गा चंडी पाठ ):- durga chandi path
भारतीय पौराणिक कथाएं भय और आश्चर्य की भावनाओं को जगाने वाली कहानियों से भरपूर है, ऐसी एक कहानी है देवी दुर्गा की। हजारों साल पहले महिषासुर नामक एक अत्याचारी राक्षस था, वह आधा दानव और आधा भैंस था। महिषासुर ने भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न करने के लिए हजारों साल तक तपस्या की ताकि को अमरत्व प्राप्त कर सके। बहुत तपस्या के बाद उसकी योजना सफल हुई भगवान ब्रह्मा उसके पास आए और उन्होंने कहा- “मैं तुम्हारी भक्ति से प्रसन्न हूं मांगो तुम्हें क्या वरदान चाहिए।” बिना पलक झपकाए अभिमानी महिषासुर ने कहा प्रभु मैं चाहता हूं कि कोई भी पुरुष या देवता मुझे मार न सके। भगवान ब्रह्मा ने आशीर्वाद देते हुए कहा “तथास्तु तुम्हारी इच्छा पूरी हो।” ब्रह्मा की आंखों की चमक इस बात का संकेत दे रही थी कि वरदान मांगते समय महिषासुर से शायद कोई भूल हो गई है। इसके बाद महिषासुर स्वयं को अमर मानने लगा क्योंकि उसको कोई मार नहीं सकता था। अपने आक्रोश और अहंकार में महिषासुर ने पृथ्वी को तबाह कर दिया। उसने स्वर्ग से सभी देवताओं को भी भगा दिया। सभी देवता भयभीत होकर भगवान ब्रह्मा, विष्णु और शिव के पास पहुंचे और उनको इस घटना के बारे में बताया। कुछ समय तक सोचने के बाद तीनों भगवान एकजुट होकर एक दिव्य प्रकाश की उत्पति करने लगे, ऐसा तीव्र प्रकाश जो पहले कभी नहीं देखा गया था। इस दिव्य प्रकाश से 10 हाथों वाली आदि शक्ति रूपी देवी दुर्गा प्रकट हुई।

एक-एक करके सभी देवताओं ने दुर्गा को अपने शत्रुओं से सुसज्जित किया-
  • भगवान विष्णु से उन्हें सुदर्शन चक्र प्राप्त हुआ।
  • ब्रह्मा ने उन्हें एक कमंडल दिया।
  • सागर के देवता वरुण ने उन्हें तीरों से भरा एक तर्कस प्रदान किया।
  • मृत्यु के देवता यम ने उन्हें एक शक्तिशाली राजदंड दिया।
  • भगवान इंद्र से उन्हें एक वगरा प्राप्त हुआ।
  • विश्वकर्मा ने उन्हें कुल्हाड़ी प्रदान की।
  • काल ने उन्हें एक प्रखर तलवार दी।
  • भगवान इंद्र के सफेद हाथी ने उन्हें 1घंटी दिया, जिसकी ध्वनि से राक्षस भ्रमित हो जाते थे।
  • भगवान शिव ने उन्हें एक त्रिशूल दिया।
  • हिमालय ने देवी दुर्गा को सवारी के लिए एक शेर भेंट किया।
इन सभी अस्त्र शस्त्र से सुसज्जित देवी दुर्गा महिषासुर से युक्त करने को तैयार थी। दुर्गा और महिषासुर के बीच 10 दिनों तक घमासान युद्ध हुआ, दसवें दिन देवी दुर्गा महिषासुर का सर काटने में सफल हुई। अंततः जीवन का संतुलन वापस ठीक हो गया। इसी विजय को प्रत्येक वर्ष दुर्गा पूजा के रुप में मनाया जाता है। बंगाल में दुर्गा पूजा 10 दिनों का महोत्सव होता है। इसी दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था।


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This is the main reason why do we celebrate durga puja every year with full enthusiasm. We hope you would have definitely liked the story of goddess durga. Please comment your views and share this post on facebook, whatsapp, twitter or any other social media you use.
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