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Why Rangoli on Diwali, Dhanteras | रंगोली बनाने का महत्व, फायदे

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Why Indians Do The Rangoli?

Hey, guys welcome to this brand new additional why we do what we do. This time let's focus on why we make rangoli on diwali. It is a common feature found in front of every traditional house especially on diwali and dhanteras. Many households across the country a woman most starts a day by doing the rangoli. So let's explore the scientific reason of why Indians do the rangoli.

why we make rangoli on diwali

So the reason why we have the rangoli place in front of your home is that a Rangoli manifests itself in the form of different vibration that induces the calming effect in front your guest mind that they enter your home comfortable and at peace.

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So by closely looking at the design patterns of a Rangoli, you will notice it is created in such a way that it corresponds to the harmonics in sound waves when in every sound frequency is very similar to the harmonics that are created in the rangoli. When these harmonics combine they create pleasing sounds that are soothing to the mind. Thus diwali rangoli is not just an art but a scientific concept, discovered by our ancestors millions of years ago. If you look at the rangoli from a different perspective, you will notice that the shape, size and colour of the rangoli are not for the sake of happening but because of a reason. According to the law of mother nature, man is attracted to colour the more vibrant the colour, the more friendly he becomes and vice versa.

Rangoli - On the eve of Dhanteras 2018
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रंगोली का महत्व और रंगोली क्यों बनाई जाती है | Why we make Rangoli on Diwali


भारत में रंगोली बनाना एक बहुत ही आम बात है, रंगोली बनाना भारत की सभी महिलाओं को अच्छा लगता है घर में शादी ब्याह हो या दिवाली, होली भारतीय महिलाएं अपने घर के मुख्य द्वार पर या घर के आंगन में रंगोली बनाती हैं यह रंगोली रंग बिरंगी चावल से, फूल से होली के अबीर से बनाई जाती है दक्षिण भारत में रंगोली चावल को पीसकर बनाई जाती है कहीं-कहीं पर इसे हम अल्पना के नाम से भी जानते हैं रंगोली से जुड़ा एक प्राचीन इतिहास यह है कि एक राजा चित्र लक्षण थे जिनके पुरोहित के पुत्र का अचानक देहांत हो गया पुरोहित के इस दुख को कम करने के लिए राजा ने ब्रह्मा जी से प्रार्थना कि ब्रह्मा जी प्रकट हुए और राजा से दीवार पर उस पुत्र का चित्र बनाने के लिए कहा राजा ने वैसा ही किया देखते ही देखते चित्र से ही पुरोहित के मृत पुत्र का पुनर्जन्म हुआ उसका पुत्र पुनर्जीवित हो गया

कहा जाता है कि जब राम 14 वर्ष का वनवास काट कर आए थे, तो अयोध्या वासियों ने घर घर पर दीपक जलाए थे, और रंगोली बनाकर उनका स्वागत किया था रंगोली की मान्यता बहुत ही महत्वपूर्ण है रंगोली से घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशी आती है रंगोली तो मोहनजोदड़ो के समय से भी पहले से चली आ रही है मोहनजोदड़ो की खुदाई में बहुत सारी रंगोली और अल्पना की आलेख मिले हैंरंगोली के लिए हम कोई भी अच्छी डिजाइन ले सकते हैं फिर उसमें स्वास्तिक का चिन्ह हो तो और भी अच्छा है रंगोली हम फूलों से बना सकते हैं, चावल को अलग-अलग रंगों से कलर करके उसे हम रंगोली बना सकते हैं चावल को पीसकर उसका घोल बनाकर रंगोली बना सकते हैं, ऐसी रंगोली लेकिन कुछ ही समय के लिए होती है। गेहूं के पिसे हुए आटे से भी हम रंगोली बना सकते हैं रंग बिरंगी दालो का उपयोग करके भी हम रंगोली बना सकते हैं रंगोली को भारत के अलग-अलग जगह पर अलग-अलग नाम से जाना जाता हैं
उत्तर प्रदेश में चौक पूरना, राजस्थान में मांडना, बिहार में अरिपन, बंगाल में अल्पना, महाराष्ट्र में रंगोली, हिमाचल प्रदेश में 'अदूपना', कर्नाटक में रंगवल्ली, तमिलनाडु में कोल्लम, उत्तरांचल में ऐपण, आंध्र प्रदेश में मुग्गु या मुग्गुलु, कुमाऊँ में लिखथाप या थापा, तो केरल में कोलम।


रंगोली बनाने के फायदे- Advantages of making Rangoli on Diwali

easy rangoli designs to make this diwali

रंगोली बनाने के फायदे हम आज आपको बताने वाले हैं हिंदू धर्म में आंगन या दीवार पर रंगोली बनाना बेहद शुभ माना जाता है और ऐसे घर की सुख समृद्धि से भी जोड़कर देखा जाता है दीपावली के मौके पर इसका महत्व और भी बढ़ जाता है यही कारण है कि दशहरे से लेकर दीपावली तक हर दिन घरों में द्वार पर रंगोली सजाई जाती है लेकिन इसका महत्व सिर्फ सजावट और धार्मिक स्तर पर ही नहीं है बल्कि वैज्ञानिक स्तर पर भी है आप भी जानिए रंगोली के 5 फायदे

  1. रंगोली बनाना एक कला है और जो लोग कलाकार है वे इसे शौक से बनाते हैं ऐसे में रंगोली बनाना का पहला बड़ा फायदा यह है कि आप इसे बनाते समय बेहद सकारात्मक महसूस करते हैं और यह प्रक्रिया तनाव को छूमंतर कर देती है
  2. दूसरे फायदे की बात करें तो रंगोली बनाते समय आपकी उंगली और अंगूठा मिलकर ज्ञानमुद्रा बनाते हैं जो आपके मस्तिष्क को ऊर्जावान और सक्रिय बनाने के साथ-साथ बौद्धिक विकास मैं महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं
  3. तीसरे फायदे की बाद करते हैं तो एक्यूप्रेशर के इलियास से भी यह मुद्रा आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद प्रभावकारी है यह आपको हाय ब्लड प्रेशर से बचाती है और मानसिक और आध्यात्मिक तौर पर शांति प्राप्त करती है
  4. रंगों के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव को विज्ञान और विभिन्न चिकित्सा पद्धतियो ने माना है जब आप रंगों के संपर्क में आते हैं तो इनसे निकलने वाली उर्जा आप पर प्रभाव डालती हैं, जिससे कई तरह के मानसिक और शारीरिक समस्याओं का इलाज संभव होता है
  5. पांचवा फायदा है - विभिन्न रंगों से बनाए हुए रंगोली आपके घर और आसपास के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है जिससे मन प्रसन्न और वातावरण बेहद सकारात्मक होता है, इसका असर भी आपके सेहत पर पड़ता है। तो यह रहे रंगोली बनाने के 5 फायदे, उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। कृपया इस जानकारी को शेयर करें कम से कम अपने दो दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ ताकि हमें हमारी संस्कृति पर गर्व हो सके।

इस दिवाली आपके लिए रंगोली के शुभ रंग कौन से होंगे

Rangoli colors according to zodiac signs on this Deepavali - Diwali 2018 horoscope for your zodiac sign


हर त्यौहार की शान है रंगोली चाहे रंगोली परंपरागत तरीके से बनाई गई हो या फिर नए तरीके से या फिर चाहे किसी परंपरा के रुप में या फिर शौक के रूप में। हिंदुओं के हर घर के द्वार, ऑफिस या दुकान में रंगोली सजाई जाती है रंगोली यानी की रंगों के द्वारा बनाई गई विभिन्न आकृतियां जो कि हमारे मन-मस्तिष्क को सकरात्मक ऊर्जा प्रदान करती है
आज हम लोग बात करने जा रहे हैं राशि अनुसार आप कौन से रंगों का अपने रंगोली में इस्तेमाल करके विशेष लाभ प्राप्त कर सकते हैं और आप का पर्व मंगलमय हो जाए
मेष राशि
शुरूआत करते हैं मेष राशि से- आपके लिए गुलाबी, लाल एवं पीला रंग अपने रंगोली में लगाना और सजाना मुख्य रूप से बहुत ही फायदेमंद होगा इसके अलावा आप कोई भी और रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं इससे आपके जीवन में स्थिरता और दृढ़ता बढ़ेगी और आपके कार्य क्षमता में भी वृद्धि होगी
वृष राशि
वृष राशि वालों के लिए गुलाबी, पीला और नारंगी रंग लगाना बहुत ही लाभदायक होगारंगोली में इन रंगों के ज्यादा इस्तेमाल से सहनशीलता बढ़ेगी और कोई भी अधूरा काम पूरा करने में आसानी होगी। आपके सभी कार्य में फायदा होगा और हर कार्य वैभव पूर्ण ढंग से संपन्न होगा
मिथुन राशि
मिथुन राशि के लिए हरा और नीला रंग बहुत ही शुभ रहेगा इन रंगों का मुख्य रूप से आप अपने रंगोली में इस्तेमाल करें, यह आपके जीवन में स्थिरता और बुद्धिमता लाएगी और आपके जीवन में शांति भी आएगी
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए मुख्यत: पीला रंग बहुत शुभ रहेगा इससे आपकी मानसिक शांति और बौद्धिक क्षमता बढ़ेगी और पढ़ने लिखने की क्षमता भी बढ़ेगी तथा आप कोई भी कार्य करने में सक्षम बनेंगे
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए गोल्डन और पीला रंग बहुत ही शुभ होगा यह आपमें उत्साह और लीडरशिप की क्षमता बढ़ाएगा
कन्या राशि
कन्या राशि वाले अपने रंगोली में हरा और मोरपंखी नीला रंगों का अधिक इस्तेमाल करें इससे आपके मन में शांति और घर में समृद्धि आएगी
तुला राशि
आसमानी रंग आपके लिए बहुत ही शुभ है इससे आपके जीवन में स्थिरता, शुभता और वैभव आएगा
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए नारंगी और गुलाबी रंग अति शुभ है इससे ज्ञान, चंचलता, बौद्धिक सुख और मन की शांति मिलेगी
धनु राशि
धनु राशि के लिए बृहस्पति ग्रह से संबंधित नारंगी रंग बहुत ही शुभ होगा यह आप में भक्ति ज्ञान और सृजनात्मकता बढ़ाएगा बच्चे पढ़ाई व अन्य चीजों में चुस्त-दुरुस्त रहेंगे
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए इंडिगो ब्लू रंग बहुत ही शुभ है इससे बड़ी से बड़ी परेशानी भी दूर होगी और आपके सारे रास्ते आसान हो जाएंगे
कुंभ राशि
कुंभ राशि अपनी रंगोली में डार्क ब्लू रंग को ज्यादा इस्तेमाल करें इससे न्यायशीलता और क्षमा करने की क्षमता बढ़ेगी कर्ज संबंधित परेशानी भी आपकी दूर हो जाएगी और बाकी सभी छोटे बड़े मुश्किलों का समाधान निकलेगा
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए पीला रंग इस्तेमाल करना अति लाभदायक होगा इससे साहस और आत्मशक्ति बढ़ेगी और घर में शुभता बनी रहेगी

जानें राज रंगोली बनाने का | Dhanteras 2018: The Mystery Behind Making Rangoli, REVEALED

दिवाली का मौका हो या घर में कोई शुभ काम, हिंदुओं के घरों में रंगोली बनाना एक धार्मिक सांस्कृतिक और आस्था का प्रतीक है वैसे भी रंगोली को सुख समृद्धि का प्रतीक माना जाता है जब भी कोई धार्मिक काम होता है या फिर हवन की कुंड बनाई जाती है तो उसके चारों और सूखे आटे, हल्दी, कुमकुम आदि से रंगोली बनाई जाती है आज हम अपनी इस लेख में बताएंगे कि रंगोली बनाने के पीछे का इतिहास क्या है रंगोली बनाने के पीछे भूमि शुद्धिकरण और समृद्धि की भावना भी छुपी रहती है रंगोली में विभिन्न रंग के डिजाइन बनाए जाते हैं जिसमें हमारी संस्कृति की झलक दिखाई जाती है रंगोली बनाने की परंपरा बहुत ही पुरानी है, रंगोली बनाने की परंपरा आज से नहीं बल्कि मोहनजोदड़ो और हड़प्पा संस्कृति के समय से चली आ रही हैरंगोली को प्रमुख 74 कला में से एक माना गया है रंगोली को एक और नाम से जाना जाता है जो कि अल्पना है यह शब्द संस्कृत के  अलेपन शब्द से आया है अलेपन का मतलब होता है लेप करना दिवाली और धनतेरस के दिन रंगोली में स्वास्तिक, कमल का फूल, लक्ष्मी जी के चरण, मोर आदि के डिजाइन बनाए जाते हैं हम सब की तरफ से आप सभी को धनतेरस की ढेरों शुभकामनाएं
A rangoli design is created at the entrance of the house, not only to welcome the guests that visit, but also the goddess herself. So now we have learnt why we make rangoli on diwali through this post, we hope you will now make a very colorful rangoli at the entrance of your house.
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